Lucknow : लखनऊ में धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश, पादरी मलखान गिरफ्तार
दो साल में करीब 1000 हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तित किया, बकतौरी खेड़ा में बनाया था चर्चनुमा हॉल, पुलिस जांच में बड़े खुलासे।
Lucknow : यूपी की राजधानी लखनऊ में धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने रविवार को पादरी मलखान को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, मलखान निगोहां क्षेत्र के मेहंदौली गांव के बकतौरी खेड़ा में रहता था। उसने एक खेत में बड़ा हॉल बनवाकर उसे चर्च का रूप दे दिया था, जहां हर रविवार और गुरुवार को प्रार्थना सभाएं होती थीं। ग्रामीणों के मुताबिक, जब भी कोई अंदर की गतिविधियों पर नजर डालने की कोशिश करता, तो मलखान तुरंत संस्कृत में बोलना शुरू कर देता था, ताकि लोगों को भ्रम हो और उसके असली इरादों का पता न चले।
पुलिस की छापेमारी में हॉल से बाइबल और ईसाई धर्म से जुड़ी अन्य सामग्री बरामद हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि मलखान ने बीते दो साल में गरीब और दलित वर्ग के करीब एक हजार लोगों को ईसाई धर्म में परिवर्तित कराया। अकेले बकतौरी खेड़ा में उसने 500 से ज्यादा लोगों को धर्मांतरित किया।
बैंक खातों को खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब उसके बैंक खातों की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि मलखान के दो अलग-अलग बैंकों में खाते हैं, जिनमें संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी आर्थिक मदद कहां से हो रही थी।
गांव के लोगों की भी मांग है कि जिस जमीन पर प्रार्थना हॉल बना है, उसकी जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि वह जमीन किसकी है और किस आधार पर वहां चर्च जैसी गतिविधियां शुरू की गईं।
मोहनलाल गंज में बढ़ती जा रही चर्च की संख्या
गौरतलब है कि लखनऊ के मोहनलालगंज, नगराम, निगोहां और गोसाईंगंज इलाके में पिछले तीन दशकों से धर्मांतरण की गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। यहां अब तक पांच बड़े और कई छोटे चर्च स्थापित हो चुके हैं, जबकि 80 और 90 के दशक में मोहनलालगंज में सिर्फ एक ही चर्च था।
