IT जांच में कई बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ींIT जांच में कई बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं

हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। सुसाइड नोट में कई बड़े अफसरों के नाम आने से SIT जांच अब नए मोड़ पर है। जानें पूरी कहानी।

हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की रहस्यमयी मौत ने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया है।
7 अक्टूबर की दोपहर, चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास में उन्होंने अपने प्राइवेट थिएटर के अंदर रिक्लाइनर चेयर पर बैठकर खुद को गोली मार ली।
मौके से 9 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसने पुलिस विभाग और शासन के ऊपरी तबकों में हलचल मचा दी है।

सुसाइड नोट में दर्ज 12 अफसरों के नाम

सूत्रों के मुताबिक, सुसाइड नोट में 12 वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के नाम दर्ज हैं।
सबसे गंभीर आरोप डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारणिया पर लगाए गए हैं।
नोट के अंतिम पृष्ठ पर वाई पूरन कुमार ने अपनी वसीयत भी लिखी थी।

तीन सुसाइड नोट, एक सच – कई सवाल

जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि उन्होंने सुसाइड नोट की तीन कॉपियां तैयार की थीं —

  • पहली हाथ से लिखी कॉपी मौके से मिली,

  • दूसरी उनके लैपटॉप बैग से बरामद हुई,

  • तीसरी टाइप की हुई फाइल उनके लैपटॉप में सेव थी।

जब उनकी पत्नी (आईएएस अधिकारी) विदेश से लौटीं, तब दो और कॉपियां उनके घर से मिलीं।
सभी नोट्स में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र था।

“जात ना पूछे खाकी की…” — दलित अफसर की वेदना

उनके सुसाइड नोट की पंक्तियों में गहरी पीड़ा झलकती है —

“जात ना पूछे खाकी की, पर जात है जो कभी जाती नहीं…”

दलित समुदाय से आने वाले इस वरिष्ठ आईपीएस अफसर ने सिस्टम के उस कड़वे सच को सामने रखा, जिससे निचले तबके के अधिकारी अकसर जूझते हैं, पर आवाज़ नहीं उठा पाते।

SIT जांच में कई बड़े अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं

इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है।
सूत्रों का कहना है कि SIT उन सभी 12 अफसरों से पूछताछ की तैयारी कर रही है जिनके नाम नोट में दर्ज हैं।
मामला अब सिर्फ आत्महत्या का नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर जातिगत भेदभाव और पावर के दुरुपयोग का प्रतीक बन गया है।

सवाल वही – जवाब कब मिलेगा?

अगर आईजी रैंक का अधिकारी सिस्टम से टूटकर यह कदम उठाता है, तो यह केवल एक आत्महत्या नहीं बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे पर सवाल है।
अब सबकी नजर इस पर है कि क्या SIT सच को उजागर कर पाएगी और वाई पूरन कुमार की मौत की गुत्थी आखिर कब सुलझेगी।

हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या ने पूरे प्रशासन को हिला दिया है। सुसाइड नोट में कई बड़े अफसरों के नाम आने से SIT जांच अब नए मोड़ पर है। जानें पूरी कहानी।

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