खेतासराय जौनपुर के आठ दलित मजदूर महाराष्ट्र में बंधक बनाकर रखने का चौंकाने वाला मामला सामने आया। पीड़ितों ने बताया कैसे उन्हें लालच देकर ले जाया गया और वहां मारपीट, धमकी व जबरन नोटरी कराई गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
घटना का पूरा मामला खेतासराय जौनपुर के आठ दलित मजदूर महाराष्ट्र में बंधक बनाए जाने की घटना सामने आते ही पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। बादशाही गांव के एक वनवासी (मुसहर) परिवार के पति-पत्नी किसी तरह वहां से जान बचाकर लौटे और पूरी सच्चाई बताई। इनका दावा है कि महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले की परंडा तहसील के भोतरा गडगे बस्ती में उन्हें कई दिनों तक बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया। पीड़ितों का परिचय और गांव पीड़ित राजेश कुमार और उनकी पत्नी, बादशाही चक्सा,
खेतासराय, जौनपुर के निवासी हैं। परिवार बेहद गरीब है और रोज़ी-रोटी के लिए बाहर जाना मजबूरी थी। कैसे ले जाया गया मजदूरों को महाराष्ट्र पीड़ितों के मुताबिक, आज़मगढ़ निवासी अखिलेश नामक युवक उन्हें खेती में काम देने का लालच देकर पुणे ले गया। वहां से उन्हें उस्मानाबाद जिले की परंडा तहसील में पहुंचा दिया गया। पहले उन्हें तबेले में 25 गायों की देखभाल का काम दिया गया। दिहाड़ी तय की गई: पति: ₹10,000 पत्नी: ₹12,000 लेकिन यह पैसा कभी नहीं मिला। वहां क्या हुआ – बंधक बनने तक की कहानी वहां पहुंचते ही मालिक ने कहा कि “काम देख लो, पैसा समय पर मिलेगा। लेकिन हकीकत इसके उलट थी—
खाने-पीने में कटौती बाहर जाने की अनुमति नहीं शौचालय पर भी पहराफोन छीन लेना प्रताड़ना और धमकी यानी पूरा परिवार धीरे-धीरे बंधक बन चुका था। तमिलनाडु और कर्नाटक में गन्ना कटाई का शोषण उस्मानाबाद से मजदूरों को तमिलनाडु के पैथोर गांव में भेजा गया जहाँ 3000 टन गन्ना कटवाया गया। इसके बदले सिर्फ ₹1000 जोड़ी पर खुराकी दी जाती थी।
कर्नाटक ले जाने का भी झांसा दिया गया, लेकिन मजदूरों को पैसे नहीं मिले। मारपीट, धमकी जबकि सच यह है कि मजदूरों को सिर्फ आने-जाने का किराया और थोड़ी खुराकी दी गई थी। लाख रुपये की धमकी मालिक अब उनसे कह रहा है: 5 लाख रुपये देकर अपने लोग ले जाओ, नहीं तो जान से खत्म कर देंगे। उन्होंने आधार कार्ड भी जब्त कर लिया है।अभी कितने लोग बंधक हैं पीड़ितों के अनुसार—8 मजदूर 3 बच्चे
अभी भी परंडा (महाराष्ट्र) में बंधक हैं। इन लोगों की फोन पर बात भी बंद करा दी गई है। परिवार की भयावह हालत पीड़ित दंपति ने बताया कि—बच्चे रोते हैं खाना ठीक से नहीं मिलता मारपीट होती है जान का खतरा है
कई मजदूर घर भागने की कोशिश में पकड़े गए और पीटे गए प्रशासन से क्या उम्मीद पीड़ितों ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसपी ऑफिस, मीडिया सभी से मदद की गुहार लगाई है।
वीडियो वायरल होने के बाद लोग मांग कर रहे हैं कि—तुरंत रेस्क्यू टीम भेजी जाए मजदूरों को सुरक्षित वापस लाया जाए आरोपियों पर बंधुआ मजदूरी कानून, मानव तस्करी कानून, और IPC की गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो
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खेतासराय जौनपुर के आठ दलित मजदूर महाराष्ट्र में बंधक बनाए जाने की यह घटना हमारे देश में आज भी मौजूद बंधुआ मजदूरी की भयावह तस्वीर पेश करती है। यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि प्रशासन और व्यवस्था की विफलता है। यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए तो इन मजदूरों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
