ईडी गुरुग्राम रियल्टी कंपनी धोखाधड़ी मामले में पीएमएवाई के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप। ईडी जल्द आरोपपत्र दाखिल करेगी। पूरी जांच रिपोर्ट, कार्रवाई और आरोपों की विस्तृत जानकारी पढ़ें।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी और उसके प्रमोटर के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी जल्द ही विशेष अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल करने की तैयारी कर रही है।प्राथमिक जांच में सामने आया है,
कि कंपनी ने पीएमएवाई के तहत किफायती घर मुहैया कराने के नाम पर कई खरीदारों से अग्रिम राशि और निवेश जुटाया, लेकिन परियोजना को न तो समय पर आगे बढ़ाया गया और न ही गृह-खरीदारों को कोई स्पष्ट जानकारी दी गई |सूत्रों के अनुसार, कंपनी पर सरकारी हाउसिंग स्कीम का दुरुपयोग करने,निवेशकों से फर्जी वादे करके धन लेने,और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के तहत लेन-देन छिपाने
जैसे गंभीर आरोप हैं।ईडी ने कंपनी के कार्यालयों और प्रमोटर के आवास पर की गई छापेमारी के दौरान कई वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट जब्त किए हैं। प्रारंभिक विश्लेषण में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।गृह-खरीदारों की शिकायतें बनीं वजहकई महीनों से गृह-खरीदार लगातार शिकायतें कर रहे थे कि परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई,निर्माण कार्य बंद हो गया,और कंपनी भुगतान वापस करने को तैयार नहीं है।
इन शिकायतों के आधार पर पहले स्थानीय पुलिस ने FIR दर्ज की, जिसके बाद मामला ईडी को सौंपा गया। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी जल्द ही अदालत में आरोपपत्र दाखिल करेगी। आरोपपत्र में कथित धोखाधड़ी की पूरी रकम,जिम्मेदार लोगों के नाम,और धन के कथित अवैध उपयोगका विवरण शामिल होगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि अदालत आरोप तय करती है तो दोषी पाए जाने पर कंपनी के प्रमोटर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
