23 दिसंबर, 2025 को असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग में अफवाहों के कारण भड़की हिंसा की लहर के बाद सुरक्षाकर्मी सतर्कता बरत रहे हैं।23 दिसंबर, 2025 को असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग में अफवाहों के कारण भड़की हिंसा की लहर के बाद सुरक्षाकर्मी सतर्कता बरत रहे हैं।
23 दिसंबर, 2025 को असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग में अफवाहों के कारण भड़की हिंसा की लहर के बाद सुरक्षाकर्मी सतर्कता बरत रहे हैं।
23 दिसंबर, 2025 को असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग में अफवाहों के कारण भड़की हिंसा की लहर के बाद सुरक्षाकर्मी सतर्कता बरत रहे हैं।

असम जिले में आगजनी की ताजा घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है। हिंसा में IPS अधिकारी समेत 34 पुलिसकर्मी घायल हुए। की पुनरावृत्ति के कारण असम सरकार ने गुवाहाटी स्थित कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद (केएएसी) द्वारा प्रशासित छठी अनुसूची के दो जिलों, पश्चिम कार्बी आंगलोंग और कार्बी आंगलोंग में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं।

असम जिले में आगजनी की ताजा घटना ने पूरे राज्य को हिला दिया है। हिंसा में IPS अधिकारी समेत 34 पुलिसकर्मी घायल हुए। असम के पश्चिम कार्बी क्षेत्र में मंगलवार (23 दिसंबर, 2025) को भी आगजनी जारी रही, जहां गुवाहाटी से लगभग 190 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित खेरोनी में भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की, वाहनों को जला दिया और बम, पत्थर और तीरों से पुलिस पर हमला किया।

मध्य असम के जिले में सोमवार (22 दिसंबर) को हिंसा भड़कने के बाद भीड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए दंगा किया। यह हिंसा कार्बी आदिवासी लोगों की दो श्रेणियों की सरकारी जमीनों – ग्राम चराई आरक्षित क्षेत्रों (वीजीआर) और व्यावसायिक चराई आरक्षित क्षेत्रों (पीजीआर) से “बाहरी लोगों” को बेदखल करने की मांग को लेकर हुई थी।

ज़िले में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के दो गुटों के बीच हुई झड़प में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं. इलाके में तैनात पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

दरअसल, पिछले 6 दिसंबर से खेरोनी थाने के अंतर्गत फेलांगपी में स्थानीय आदिवासी लोग भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं. ये लोग मुख्य रूप से क्षेत्र में सरकारी तौर पर तय चारागाह आरक्षित भूमि और विलेज ग्रेज़िंग रिज़र्व की ज़मीन से कथित अवैध बसावटों को हटाने कीमांग कर रहे हैं.

असम के एक संवेदनशील जिले में अचानक आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई। उपद्रवियों ने कई सरकारी और निजी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया। वाहनों में आग लगाई गई दुकानों और घरों को नुकसान पहुंचाया गया पुलिस पर पथराव किया गया स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी बल प्रयोग करना पड़ा।

असम सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग ने एक आधिकारिक आदेश में बताया कि लोगों में ‘शांति और स्थिरता’ बनाए रखने और स्थिति को और खराब होने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. फ़िलहाल इंटरनेट सेवा को वेस्ट कार्बी आंगलोंग और कार्बी आंगलोंग दोनों ही ज़िले में सस्पेंड किया गया है.

इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को खेरोनी थाना क्षेत्र में स्थित बीजेपी के नेतृत्व वाली कार्बी आंगलोंग स्वायत्तशासी परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तुलिराम रोंगहांग के घर को आग लगा दी थी.

ज़िला प्रशासन ने इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लगाई थी लेकिन बावजूद इसके मंगलवार को फिर से हिंसा भड़क गई. असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह सोमवार शाम से प्रभावित इलाकों में कैंप कर रहे हैं. पुलिस महानिदेशक ने स्थानीय मीडिया से कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों में 34 पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ गाड़ियों में भी आग लगाई गई हैं.

पुलिस महानिदेशक ने खेरोनी में पत्रकारों से कहा, “हम पर दो तरफ़ से हमला किया गया. एक आईपीएस अधिकारी समेत 34 पुलिसकर्मी घायल हुए है. मुझे कंधे पर चोट लगी है.” कार्बी आंगलोंग भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत गठित एक स्वायत्त क्षेत्र है और विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि आरक्षित ज़मीन पर अन्य राज्यों से आए ‘बाहरी लोगों’ ने कब्ज़ा कर रखा है. असम जिले में आगजनी की यह घटना राज्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है। IPS अधिकारी समेत 34 पुलिसकर्मियों का घायल होना दिखाता है कि हालात कितने भयावह थे। अब जरूरत है सख्त कार्रवाई, पारदर्शी जांच और स्थायी समाधान की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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