तमिलनाडु के करूर ज़िले में अभिनेता से नेता बने थलपथी विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) की रैली के दौरान मची भगदड़ ने पूरे राज्य को हिला दिया है। इस हादसे में 41 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं।
भीड़ का दबाव और अव्यवस्था का आरोप
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, विजय की जनसभा में हजारों लोग पहुंचे थे। रैली स्थल पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी थी। लोगों के धक्कामुक्की में गिरने से भगदड़ मच गई। कुछ वीडियो में विजय खुद मौके पर घायलों की मदद करते नज़र आए।
Madras High Court की सख्त टिप्पणी
घटना पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि,
“TVK के नेताओं ने कोई पश्चाताप नहीं दिखाया और वे मौके से भाग गए।”
कोर्ट ने इस मामले में विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
विजय का बयान: “अगर प्रतिशोध लेना है, तो मुझसे लो”
विजय ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा कि उनका दिल दर्द से भरा है। उन्होंने कहा,
“अगर किसी को बदला लेना है तो मुझसे लो, मेरे कार्यकर्ताओं को मत सताओ।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी राजनीतिक रूप से निशाने पर है और सच्चाई जल्द सामने आएगी।
विपक्ष का हमला
विपक्षी नेताओं ने विजय पर राजनीतिक ड्रामा करने का आरोप लगाया है।
VCK नेता तिरुमावलवन ने कहा कि विजय “आरएसएस की स्क्रिप्ट” पढ़ रहे हैं और यह रणनीति उन्हें भारी पड़ सकती है।
राजनीतिक असर
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह हादसा विजय की नई पार्टी TVK के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
बीजेपी और डीएमके दोनों ही इस घटना के बाद अपने-अपने तरीके से राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश में हैं।
निष्कर्ष
Karur की यह घटना तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।
अब सबकी नज़रें SIT जांच और विजय की अगली रणनीति पर हैं।