लखनऊ।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री मायावती ने आज लखनऊ में आयोजित एतिहासिक महारैली में अपने संबोधन से एक बार फिर राजनीतिक हलचल मचा दी।
यह रैली बसपा संस्थापक कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर आयोजित की गई, जिसमें हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

मायावती ने रैली में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि —

“कुछ नेता संविधान को केवल दिखावे के लिए हाथ में लेते हैं, लेकिन उनके कर्म लोकतंत्र और समानता के खिलाफ हैं।”

उन्होंने सपा और कांग्रेस पर ‘छलावा राजनीति’ का आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम जी के नाम पर केवल वोट बैंक की राजनीति करती हैं।

“सत्ता में रहते इन पार्टियों ने कभी दलित-पिछड़ों के हक की बात नहीं की, और आज PDA की बातें कर जनता को गुमराह कर रही हैं,” मायावती ने कहा।

इस दौरान मायावती ने योगी सरकार के प्रति आंशिक रूप से सकारात्मक रुख भी दिखाया।
उन्होंने कहा कि सपा शासनकाल में कांशीराम स्मारक स्थलों की उपेक्षा की गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन स्थलों की मरम्मत कराई है।

“जो काम हमारे शासन में शुरू हुए, उनका सम्मान करना चाहिए — राजनीति से ऊपर उठकर,” उन्होंने कहा।

अपने भाषण में मायावती ने एक बार फिर दोहराया कि —

“बसपा ही वह पार्टी है जो बाबा साहेब और कांशीराम जी के आदर्शों पर चल रही है।
हम 2027 के विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत से उतरेंगे और समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाएँगे।”

रैली के दौरान मंच पर आकाश आनंद और आनंद कुमार भी मौजूद रहे, जिन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की अपील की।

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