बिहार विधानसभा चुनाव 2025 परिणाम ग्राफिकबिहार विधानसभा चुनाव 2025 परिणाम ग्राफिक

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 परिणाम में NDA ने 202 सीटों के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बीजेपी, जदयू, एलजेपी (RV), महिला वोटर्स और सिमांचल समीकरण ने पूरा खेल बदल दिया। यहां पढ़ें पूरा विश्लेषण।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 परिणाम आज बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा मोड़ बन चुके हैं। तिजू से लेकर प्रशांत किशोर तक, लालू–नीतीश से लेकर प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी तक—इन नतीजों ने सभी को साफ संदेश दे दिया है कि बिहार का जनादेश किस दिशा में जा चुका है। इस चुनाव में NDA ने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए 20 वर्षों के बाद एक बार फिर अपना दबदबा साबित कर दिया। आपकी साइट का पिछला बिहार राजनीति वाला पोस्ट

NDA की 202 सीटों की सुनामी – बीजेपी ने बनाया नया रिकॉर्ड

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 परिणाम में NDA ने कुल 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया।
सबसे बड़ा प्रदर्शन बीजेपी का रहा — भाजपा — 189 सीटें ,जदयू — 85 सीटें , LJP (Ram Vilas) — 19 सीटें , HM — 5 सीटें , RLM — 4 सीटें यह जीत सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नया युग है। भाजपा ने इतिहास की सबसे बड़ी सीटें जीतीं, वहीं जदयू ने सत्ता विरोधी लहर के बावजूद विस्फोटक प्रदर्शन किया।

नीतीश कुमार का जलवा — पांचवां कार्यकाल तय 20 साल तक मुख्यमंत्री रहने के बावजूद, नीतीश कुमार की लोकप्रियता कम नहीं हुई।
जदयू ने 85 सीटें जीतकर अप्रत्याशित वापसी की। महिला सशक्तिकरण योजनाएं— मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना , 10,000 रुपये की सहायता , स्कूटी/साइकिल योजनाएं , इन सबका बड़ा फायदा NDA को मिला। महिलाओं ने बदला चुनाव — पुरुषों से ज्यादा मतदान इतिहास में पहली बार महिलाएं पुरुषों से ज्यादा वोट डालती नजर आईं।

  • महिला मतदान — 71.6%

  • पुरुष मतदान — 62.8% यह ट्रेंड साफ बताता है कि वोटिंग का बड़ा हिस्सा NDA की महिला-केंद्रित योजनाओं के पक्ष में गया। चिराग पासवान की धमाकेदार एंट्री – युवा-दलित वोट का ध्रुवीकरण LJP (Ram Vilas) ने इस बार 29 में से 19 सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया। दलित वोट और युवा वोट का मजबूत ध्रुवीकरण चिराग पासवान के पक्ष में गया। सिमांचल में AIMIM का जलवा बरकरार ओवैसी की पार्टी ने वही चार सीटें फिर जीत लीं — जोकिहाटको चाधामन अमौर बायसी सिमांचल में AIMIM की पकड़ पहले जैसी ही मजबूत दिखी। RJD का दशक का सबसे खराब प्रदर्शन – तेजस्वी को बड़ा झटका

RJD सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई—2010 के बाद सबसे बुरा नतीजा।
गठबंधन, नेतृत्व और विश्वसनीयता—तीनों मोर्चों पर कमजोरी दिखी।
हाँ, तेजस्वी यादव ने अपना राघोपुर सीट जरूर बचा ली। कांग्रेस फिर फेल — एकल अंक में सिमटी राहुल गांधी की रैलियों और यात्राओं का कोई प्रभाव नहीं दिखा। पार्टी फिर एकल अंक में सिमट गई। प्रशांत किशोर और जनसुराज की करारी हार दो साल की पदयात्रा, मीडिया फोकस और बड़ा कैंपेन— लेकिन PK की जनसुराज पार्टी कई जगह निर्दलीयों से भी पीछे रही।

VIP और मुकुंद साहनी का सफाया निशाद वोट पूरी तरह NDA के खाते में चला गया।
VIP एक सीट भी नहीं जीत सकी। INDIA गठबंधन की हालत और बिगड़ी महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और अब बिहार—
लगातार हार ने गठबंधन की ताकत कमजोर कर दी। सीट बंटवारा और नेतृत्व संकट सबसे बड़ा कारण बने।

Final Seat Tally (SEO-Friendly Table)

गठबंधन/दलग सीटें
NDA कुल 202
भाजपा 189
जदयू 85
LJP (RV) 19
HM 5
RLM 4
विपक्ष कुल 35
RJD 25
कांग्रेस सिंगल डिजिट
लेफ्ट शून्य

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